ऐसा करके वे माता से शांति की प्रार्थना कर सकते हैं. फूल, कपूर, अगरबत्ती, ज्योत के साथ पंचोपचार पूजा करें। नोट : उपरोक्त में से किसी एक मंत्र का ही प्रयोग करें। तांत्रिक अनुष्ठान: इस समय में विशेष तांत्रिक अनुष्ठानों का महत्व होता है। यह अनुष्ठान केवल योग्य गुरु के https://robertj059fjn8.bloggazza.com/38251704/the-lekin-jab-shani-atyadhik-prabhavi-ho-jaata-hai-diaries